Ramsnehi Sampraday

Author name: Editorial Team

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श्री दिलषुद्ध महाराज की आरती

श्री दिलषुद्ध महाराज की आरती आरती राम गुरू की करना, सुरति निरति निज पद में धरना।।टेर।। आरती रसन राम मुख गाओ, काम क्रोध दिल दूर हटाओ।।1।। रसन रटत रस अमृत पीया, नाभि कमल में शब्द समाया।।2।। उलट जाय त्रिवेणी न्हाया, चैथी धाम परम पद पाया।।3।। अरस परस मिल सेवक स्वामी, निज सुख मांही पडे नहीं …

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श्री दूल्हेराम जी महाराज की आरती

श्री दूल्हेराम जी महाराज की आरती आरती राम चितानंद तेरी, सचराचर में व्यापक हेरी।।टेर।। रूप न रेख वरण से न्यारा, ऐसा स्वामी राम हमारा।।1।। पूरब रसना रटण लगाई, भरम करम सब गया है बिलाई।।2।। द्वितीये प्रेम उर उदय कराई, पी अमृत मन मगन रहाई।।3।। गया है द्वंद निद्र्वन्द घर पाया, अगम चिन्ह गति शब्द लखाया।।4।। …

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श्री हरिदास जी महाराज की आरती

श्री हरिदास जी महाराज की आरती आरती राम गुरूजन केरी, तन मन धन सब वांरू फेरी।।टेर।। देही देवल माहि अमूरत, ताकी सेव करे नित सुरति।।1।। आरती सूंल बनाऊं नीकी, वस्तु अनुपम धरहुं नजीकी।।2।। द्वीप द्वीप सातों परकाषा जांके अन्तर माहि उजासा।।3।। झालर घंट कंठ मध बाजे, शब्द अनाहद अद्भुत गाजे।।4।। शंक निषंक होय गुण गाउं, …

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श्री हिम्मतराम जी महाराज की आरती

श्री हिम्मतराम जी महाराज की आरती टारती कीजे रामनिरंजन, ज्ञान नीर करिये मन मंजन।।टेर।। कर विचार दीपक उर अन्दर, मिटे तिमिर दर्षे सुख सुन्दर।।1।। चित चंदन चेतन चर्चावे, घण्टा अनहद शब्द बजावे।।2।। नित्य नियम नैवेद्य समर्पण, करो सकल यूं आतम अरपण।।3।। पाय परम पद अचल अनूपा, भये दास स्वामी तद्रूपा।।4।। हिम्मतराम यह आरती गावे, जन्म …

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श्री जगरामदासजी महाराज की आरती

श्री जगरामदासजी महाराज की आरती आरती अलख निरंजन तेरी, तुम चरणों में लज्जा मेरी।।टेर।। बहु अपराध पार नहीं स्वामी, सो सब जानों अन्तर्यामी।।1।। जन्म अनेक भरम में आयो, किरपा कर मोही शरण लगायो।।2।। बिरद् रावरो कहां लग वरणूं, शीव सनकादिक करि है निरणु।।3।। जगरामदास यह आरती गावे, तुमरे चरण कमल चितलावे।।4।।

श्री नारायण दास जी महाराज की आरती

श्री नारायण जी महाराज की आरती आरती कीजे अन्तर माही, बाझी भरम सब दूर बिलाही।।टेर।। किस विधि आरती कीजे जांकी, मूरति दृष्टि पडे नहीं तांकी।।1।। मन मन्दिर मंें सुन्दर ज्योति, शब्द अनाहद जहां ध्वनि होती।।2।। जांके अंग न संग न रंगा, सब घट पूरण एक अभंगा।।3।। नारायणदास यह आरती गावे, गुरू ब्रह्म जन एक लखावे।।4।।

श्री निर्भयराम जी महाराज की आरती

श्री निर्भयराम जी महाराज की आरती आरती अलख पुरूष अविनाषी, सेवत तांहि सकल दुःख जाषी।।टेर।। प्रथम रसन रट अमृत पीजे, तज अवगुण गुण को गह लीजै।।1।। शील दया समता उर धारो, गुरू की आज्ञा कबहु न टारो।।2।। रहे अचाहि वृति निराषा, गह सर्वज्ञ राम विष्वासा।।3।। इस विधि आरती जो कोई करि है,       निर्भयरााम तन फेर …

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श्री रामजन्न जी महाराज की आरती

श्री रामजन्न जी महाराज की आरती आरती तेरी अन्तरयामी, पूरण ब्रह्म राम घण नामी।।टेर।। कारण सबको करूणासागर, ध्यावे ताही मिटे दुःख आगर।।1।। होय सुख्यारी थारी शरणा, करूणाकर मेटो मम मरणां।।2।। कीरती रसना राम उचारूं, एक पति-व्रत उरमें धारू।।3।। अनन्त लोक ब्रहमाण्ड अनंता, तुमरो वार पार नहीं अंता।।4।। ऐसे स्वामी राम हमारे, रामजन्न को पार उतारे।।5।।

श्री रामकिशोर जी महाराज की आरती

श्री रामकिशोर जी महाराज की आरती आरती सतचित राम तुम्हारी,  जनम मरण से लेहो उबारो।।टेर।। मैं शरणागत तुम्हरी आयो, आप कृपा से संत पद पायो।।1।। कृपा करी गुरू देव दयाला,   दे उपदेष मो कियो है निहाला।।2।। राम राम रसना से गायो, ताते भेद सकल ही पायो।।3।। यह आरती जोे निषदिन गावे, रामकिशोर परम पद पावे।।4।।

श्री सन्तदास जी महाराज की आरती

श्री सन्तदास जी महाराज की आरती ऐसी आरती करो मेरे मन्ना। राम न बिसरूं एक हि छिन्ना।।टेर।। देही देवल मुख दरवाजा। बणिया अगम त्रिकुटी छाजा।।1।। सतगुरू की मैं बलि जाई। निष दिन जिभ्या अखंड लिवलाई।।2।। द्वितीये ध्यान ह्रदय भया बासा। परम सुवख जहां होई प्रकासा।।3।। तृतीये ध्यान नाभि मधि जाई। सन्मुख भया है सेवक जहां …

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श्री रामचरण जी महाराज की आरती-3

श्री रामचरण जी महाराज की आरती-3 आरती अचल पुरूष अविनाषी, घट घट व्यापिक सकल प्रकाषी।।टेर।। प्रथम आरती मन्दिर बुहारिया, राम रट करम निवारिया।।1।। दूसरी आरती दीपक जोया, ह्रदय प्रेम चांदणा होया।।2।। तीसरी आरती कुम्भ भराया, नाभि कमल से गिगन चढाया।।3।। चैथी आरती चैक बिराजे, जहां अनहद का बाजा बाजे।।4।। पांचवी आरती पूरण कामा, सुरति परषिया …

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Swami Ramcharan ji Maharaj Aarti

श्री रामचरण जी महाराज की आरती-2 आरती अलख अमर अविनासी, पूरण ब्रह्म सकल सुखराषी।।टैर।। रमताराम सुरति के स्वामी, अलह अमूरत अंतर यामी।।1।। सूरति मूरति आदि न अन्ता, सब से निरवृत सब वर्तन्ता।।2।। चवदह तीन लोक पति साई, सप्तद्वीप नव खंड दुहाई।।3।। वार पार कहुं थाह न आवै, सुमिर सुमिर जन मांहि समावै।।4।। अैसा साहिब खाविंद …

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Swami Ramcharan ji Maharaj Aarti

श्री रामचरण जी महाराज की आरती आरती रमता राम तुम्हारी, तुमसे लागी सूरति हमारी।।टेर।। रमता राम सकल भरपूरा, सुक्ष्म स्थूल तुम्हारा नूरा।।1।। आरति सुमरण सेवा कीजै, सब निर्दोष ज्ञान गह लीजे।।2।। ये ही आरती ये ही पूजा, राम बिना दर्षे नहि दूजा।।3।।  शिव सनकादिक शेष पुकारै, यह आरती भव सागर तारै।।4।ं। रामचरण ऐसी आरती तांके, …

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Ramsnehi Sampraday Shahpura 2023 Chartumas

ramsnehi sampraday shahpura chartumas 2023 अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय शाहपुरा के अंतर्गत 2023 में होने वाले चार्तुमास की लिस्ट उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है | अगर आप के जानकारी में रामद्वारा या संत श्री जिनका चार्तुमास इस लिस्ट में नहीं हो तो कृपया 9001069719 पर जानकारी व्हाट्सअप करे | इस लिस्ट में किसी …

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